हर दर्द की एक दास्तान होती है ,
पहले कभी किसी की मुस्कान होती है!
सरे राह चलते कभी कोई मिल जाता है,
गर मुस्कुरा दे तो ज़िन्दगी आसान होती है !! हर दर्द की........
प्यार मे जब तलक अश्क नही छलकते,
दोज़ख भी तब तलक परिस्तान होती है !! हर दर्द की .....
इश्क मे कोई मझनू,कोई फ़रहाद होता है,
तब कही उसकी कहानी परवान होती है !! हर दर्द की .....
लैला और शीरी वो ही कहलाती है,
जिसकी मुहब्ब्त रुसवा सारे जहान होती है! हर दर्द की ......
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७


बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति दिल से लिखी हुई रचना। आभार
जवाब देंहटाएं