
तिल तिल वर्ष २००९ इतिहास बन गया ,
माँ की ममता का कालग्रास बन गया!
उसका आंचल,उसका प्यार सब सो गया,
कयोंकि वर्ष २००९ के साथ सब खो गया!
वोह दुलार, वोह झिडकी ,कभी नहीं होंगी ,
यदि करेगा कोई ,होगा ज़रूर वो ढोगी!
उसके प्यार का दुलार का कोई नहीं सनी ,
क्योंकि वोह नव वर्ष में फिर नहीं आणि !
जो चला गया उसे यादों में सजाकर रखना,
कल नव वर्ष के भोर का स्वागत ज़रूर करना!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुंज सिकंदरा आगरा 282007
माँ की ममता का कालग्रास बन गया!
उसका आंचल,उसका प्यार सब सो गया,
कयोंकि वर्ष २००९ के साथ सब खो गया!
वोह दुलार, वोह झिडकी ,कभी नहीं होंगी ,
यदि करेगा कोई ,होगा ज़रूर वो ढोगी!
उसके प्यार का दुलार का कोई नहीं सनी ,
क्योंकि वोह नव वर्ष में फिर नहीं आणि !
जो चला गया उसे यादों में सजाकर रखना,
कल नव वर्ष के भोर का स्वागत ज़रूर करना!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुंज सिकंदरा आगरा 282007
