बुधवार, 18 अगस्त 2021

तालिबान

न जाने क्या क्या मुकाम अभी और देखने को मिलैंगे? हवाई जहाज मे 130 की बजाय 640 खौफजदा इंसाँ मिलैंगे।। मरना था टपक कर हवाई जहाज से यूँ तालिबानियों से डरैंगे। गए थे रोज़ी रोज़गार करने , गवाँ बैठे बीवी की जान जो खुद बचैंगे।। इस कदर खौफनाक मंजर न देखा कभी,खुदाया अपनो पै रहम क्या करैंगे? बने हैं तालिब,न देखा मुँह मदरसों का,फिर जुल्म दोबारा यूं ही करैंगे।।