बुधवार, 29 सितंबर 2010

बौस छुट्टी पर है?

आज फ़िर कुछ होना है,

किसी के घर खुशी,

किसी के घर रोना है ! आज फ़िर कुछ....

सुबह से इसी उधेड बुन मे,

कभी कुछ भूल जाता हूं,

पर आफ़िस पहुंच,

खुशी से फ़ूल जाता हूं! आज फ़िर कुछ....

आज बौस छ्ट्टी पर है,

कमैन्ट्री सुनेगे ,सर्फ़िगं करेंगे!

किसी छोरी से छोरी,

बन ढेर सारी बातें करेंगे! आज फ़िर कुछ.....

प्रेम की पींगे बढेंगी,

पर क्या पता उधर भी

बौस आज छुट्टी पर हो! आज फ़िर कुछ..
बोधिसत्व सत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुंज सिकंदरा आगरा २८२००७

1 टिप्पणी:

  1. किसी के घर खुशी, किसी के घर रोना है ! .....
    आप की रचना चोरी हो गयी है ..... यकीन नहीं तो यहाँ देख ले
    http://chorikablog.blogspot.com/2010/09/blog-post_30.html

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