शनिवार, 18 सितंबर 2010

दर्द

कभी-कभी गर्मी मे भी मौसम सर्द होता है,
किसी के भी आंसू देख दिल मे दर्द होता है!
ज़ख्म को जितना भी छुपाना चाहो तुम,
पर अपनो के सामने ही वो बेपर्द होता है !! कभी- कभी.......
खुशियां हैं तो लाखों दोस्त साथ होते हैं,
पर गम मे भी साथ दे,वो हमदर्द होता है !! कभी- कभी......
खुशी मे तो बियांवां भी बागवां लगता है,
पर गम मे बागवां भी गुबारे-गर्द होता है !! कभी-कभी .......

बोधिसत्व कस्तूरिया २०२नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

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