टीवी
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प्रेम ,समर्पण और सदाचार,
हो गये-पापड,चटनीऔर अचार!
हर घर,हर चैनल पर पड रही इनको मार,
मात-पिता भी हो गये,अब कितने लाचार!
उनकी बातें घर मे,समझ किसी को नहि आती,
रोडीज़ पर आने को,बहू-बेटी मन ही मन ललचाती!
काश ! राहुल के स्वयंवर मे,मैं भी जा पाती,
बिन शादी के ही, शादी के सारे सुख पा जाती!
एन डी टी वी घट रही थी,जब टी आर पी,
राखी के फ़र्ज़ी स्वयंवर की तैय्यारी कर दी!
शादी के सुख मे,दुख बहुतेरे हैं,
बिन शादी सुख भोगें,नयेचितेरे हैं१
लिव-इन-रिलेशन शिप मे,लाखोंसुख भोग रहे,
रख कन्डोम पर्स मे,एच आई वी को रोक रहे!
अनवान्टेड ७२ से मिल गया,वैश्याव्रत्ति को लाइसैन्स,
घर वाले कुछ बोले तो,कर दे सबको ये साइलैन्स!!
बोधि सत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

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