मन मे फ़ूट रहा हो ज्वार
रंगो की ऊपर से पडे फ़ुहार!
भग का रंग चढा हो चकाचक,
आँगन मे खुशियों का त्योहार!
इसको ही क्या कहते हैं?
होरी मे हुरियारों का प्यार!!
मन बासंती हो जाता है ,
जब कही देखी भीगी नार !!
बूढों की बत्ती गुल हो जावे,
देख जवानी का श्रंगार !!


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