गुरुवार, 21 जुलाई 2011

गरीब


कभी चिलचिलाती धूप मे,
किसी गरीब को नगें पाँव
चलते हुए देख एसी कार
मे बैठ्ने वाले ने पूछा,
"क्यों क्या तेरे पैर जलते नही?"
बोला "मालिक ,जानवरों के खुर होते हैं,
जो गर्म डाबर पर चलने से झुलसते नही!"
कभी दिसम्बर की सर्द रातों मे
खुले आसमान के नीचे,
फ़ुट्पाथ पर सोने वाले से
गर्म रजाई और हीटर मे
सोने वाले ने पूछा-
"क्यों बे मरने के लिये
यही फ़ुट्पाथ मिला है?"
बोला"हुज़ूर !हम तो कब के मर चुके हैं,
आप लोग अभी तलक यह क्यूं समझते नही?
तेज़ रफ़्तार मर्स्डीज़ बेंज़ से ट्क्कर मार
एक रईस ज़ादे ने पूछा -
"क्यॊं कया बहरा है?
कार की आवाज़ सुनाई नही देती,
मरने के लिये मेरी ही कार मिली है क्या?"
फ़टे हाल टीबी का मारा भिखारी बोला
ज़नाब! मरे हुए लोगों से शरीफ़ यूं उलझते नही !"
बोधिसत्व कस्तूरिया२०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

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