निकल पडा अकेला वो, भ्रष्टाचार मिटाने को !
सरकारों ने कोशिश की, बहुत उसे दबाने को !!
पहले उन्मूलन किया.महाराष्ट्र के भ्रष्टाचारियों का!
७२ वर्ष की उमर मे भी ,असर नही लाचारियों का!!
क्योंकि वह तो अलबेला है,दीवाना है मस्ताना है !
अब जाकर लोगों ने,उसके अन्तस को पह्चाना है !!
यह तो सम्बत २०६८ का महात्मा गाँधी है !
लगता है कोई तूफ़ान उठा या कोई आँधी है!!
राजनीति से ऊपर वह,तो समाज की ज्योती है!
जिससे मिलने की हम सबको अभिलाषा होती है!!
है चरण -वन्दन मेरा उस,महामहिम अन्ना हज़ारे का!
कर दिया सूत्र-पात ,भारत- माँ का कलंक मिटाने का!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा-२८२००७
सरकारों ने कोशिश की, बहुत उसे दबाने को !!
पहले उन्मूलन किया.महाराष्ट्र के भ्रष्टाचारियों का!
७२ वर्ष की उमर मे भी ,असर नही लाचारियों का!!
क्योंकि वह तो अलबेला है,दीवाना है मस्ताना है !
अब जाकर लोगों ने,उसके अन्तस को पह्चाना है !!
यह तो सम्बत २०६८ का महात्मा गाँधी है !
लगता है कोई तूफ़ान उठा या कोई आँधी है!!
राजनीति से ऊपर वह,तो समाज की ज्योती है!
जिससे मिलने की हम सबको अभिलाषा होती है!!
है चरण -वन्दन मेरा उस,महामहिम अन्ना हज़ारे का!
कर दिया सूत्र-पात ,भारत- माँ का कलंक मिटाने का!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा-२८२००७


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